TalentJR

सुंदरिया – Class 5 Hindi Chapter 5 Notes & NCERT PDF

Class 5HindiChapter 5NCERT book: वीणा (Veena) - Hindi Class 5

Notes and a simple summary of Chapter 5 of the NCERT Class 5 Hindi book, with the official chapter PDF, flashcards, an MCQ quiz and an AI tutor for your doubts.

🎧 Listen to the content

पाठ 5: सुंदरिया (कहानी)

पाठ-परिचय

'सुंदरिया' प्रसिद्ध कथाकार जैनेंद्र कुमार की भावुक कहानी है। यह एक गरीब किसान हीरासिंह और उसकी प्यारी गाय सुंदरिया के बीच के गहरे प्रेम की कहानी है। कहानी दिखाती है कि पशु भी भावनाएँ समझते हैं और अपने प्रियजन से बिछुड़कर दुखी होते हैं।

पाठ-सार

गरीबी और मजबूरी

हरियाणा के एक गाँव में किसान हीरासिंह रहता था। उसकी गाय सुंदरिया डील-डौल में बड़ी और आकर्षक थी — लोग उसे देखकर ईर्ष्या करते थे। गरीबी के कारण हीरासिंह गाय का चारा भी नहीं जुटा पाता था। उसने सुंदरिया को बेचने की सोची, पर डरता था क्योंकि उसका बड़ा बेटा जवाहरसिंह सुंदरिया को 'मौसी' कहता था।

दिल्ली में सेठ के यहाँ

नौकरी की तलाश में हीरासिंह दिल्ली आया और एक सेठ के यहाँ चौकीदार बन गया। सेठ ने हरियाणा की अच्छी गाय माँगी। हीरासिंह ने बताया — "दूध देने में कामधेनु। पंद्रह सेर दूध उसके तले उतरता है।" फिर सच भी बता दिया कि गाय उसकी अपनी है। वह लाज से गड़ गया, पर सोचा — सेठ के यहाँ रहेगी तो आँखों के आगे तो रहेगी। सेठ ने उसी समय सौ रुपए दे दिए।

बिछोह

हीरासिंह गाय ले आया, स्वयं दुहा — दूध पंद्रह सेर से ऊपर निकला। सेठ ने गाय घोसी (ग्वाले) के सिपुर्द कर दी। गाय घोसी के साथ जाना नहीं चाहती थी। हीरासिंह ने विनती की — "गाय की नौकरी पर मुझे लगा दीजिए, चाहे तनख्वाह कम कर दीजिए।" पर सेठ ने कहा कि ईमानदार चौकीदार को ड्योढ़ी पर ही रहना होगा। हीरासिंह ने पुचकारा — "सुंदरिया जाओ, जाओ" — और एकटक देखता रहा।

गाय का दूध न देना

अगले दिन सेठ ने कहा — "तुमने मुझे धोखे में क्यों रखा? गाय से पाँच सेर दूध भी नहीं उतरा।" हीरासिंह ने जाकर दुहा तो साढ़े तेरह सेर दूध निकला। उसने गाय से कहा — "सुंदरिया, मेरी रुसवाई क्यों कराती है?" पर दूसरे दिन फिर वही हुआ। सेठ ने कहा — गाय ले जाओ, रुपए वापस करो; पर रुपए तो गाँव भेजे जा चुके थे (मकान की मरम्मत में लगे)। तय हुआ कि तनख्वाह से रकम कटेगी।

रात की घटना

एक सुबह ड्योढ़ी में बहुत-सा दूध बिखरा मिला। घोसी ने कहा उसने गाय को खूँटे से बाँधा था। हीरासिंह ने कहा — "गाय रात को आकर ड्योढ़ी में खड़ी रही है और अपना दूध गिरा गई है।" सेठ ने इसे मसनूई (बनावटी) बात कहा। उस रात दरवाज़े पर रगड़ की आवाज़ हुई — सुंदरिया खड़ी थी, जैसे क्षमा माँग रही हो। हीरासिंह उसकी गर्दन से लिपटकर सिसकता रहा।

अंत

सुबह हीरासिंह ने सेठ से कहा — "आप मुझसे जितने महीने चाहें कसकर चाकरी करवाएँ, पर गाय आज ही गाँव चली जाएगी।" और सेठ के कुछ कहने से पहले ही वह गाय को लेकर चल दिया।

पात्र

  • हीरासिंह – गरीब, ईमानदार, भावुक, गाय से अत्यधिक प्रेम करने वाला
  • सुंदरिया – सुंदर, स्वस्थ, बहुत दूध देने वाली, अपने परिवार से प्रेम करने वाली गाय
  • जवाहरसिंह – हीरासिंह का बड़ा बेटा, गाय को 'मौसी' कहता है
  • सेठ जी – व्यापारी, हीरासिंह की ईमानदारी का सम्मान करते हैं
  • घोसी – सेठ का ग्वाला
  • शब्दार्थ

  • डील-डौल – शरीर का आकार
  • परवरिश – पालन-पोषण
  • बंदोबस्त – प्रबंध, इंतज़ाम
  • कामधेनु – इच्छा पूरी करने वाली दिव्य गाय (बहुत दूध देने वाली)
  • सेर – तौल की पुरानी भारतीय इकाई
  • सिपुर्द – सौंपना
  • घोसी – ग्वाला, दूध वाला
  • ड्योढ़ी – मुख्य द्वार के पास का स्थान
  • रुसवाई – अपमान, बदनामी
  • मसनूई – बनावटी, नकली
  • विह्वल – भावुक, बेचैन
  • चाकरी – नौकरी, सेवा
  • भाषा-बिन्दु

    मुहावरे (पाठ से)

  • लाज से गड़ जाना – बहुत शर्मिंदा होना
  • दूध देने में कामधेनु – बहुत अधिक दूध देने वाली
  • जी भर आना / जी भरा जाना – मन दुख से भर जाना
  • एकटक देखना – बिना पलक झपकाए लगातार देखना
  • आँख लगना – नींद आ जाना
  • समानार्थी शब्द

    जलन – ईर्ष्या • बंदोबस्त – प्रबंध • रुसवाई – अपमान • विह्वल – भावुक • चाकरी – नौकरी

    सर्वनाम किसके लिए?

  • "उसे* एक सेठ के यहाँ चौकीदार की नौकरी मिल गई"* – हीरासिंह
  • "उसे* देखकर लोगों को ईर्ष्या होती थी"* – सुंदरिया
  • "सचमुच वैसी गाय उन्होंने* न देखी थी"* – सेठ जी
  • पूरक पाठ — हाथी और चींटी

    चींटी ने हेलमेट पहन रखा था, इसलिए उसे चोट नहीं आई। संदेश: "चींटी बनें, हाथी नहीं। ट्रैफिक नियमों का पालन करें।" — ज़ेब्रा क्रॉसिंग, लाल बत्ती पर रुकना, फुटपाथ पर चलना।

    पहेलियों के उत्तर: कोयल, कछुआ, नाव।

    सीख

  • पशु भी प्रेम और बिछोह की भावना समझते हैं; वे परिवार का हिस्सा होते हैं।
  • ईमानदारी — हीरासिंह ने सच बताया और क़र्ज़ चुकाने तक काम करने का वचन दिया।
  • सामान्य भूलें

  • गाय कम दूध इसलिए दे रही थी क्योंकि वह हीरासिंह से बिछुड़कर दुखी थी, बीमार नहीं।
  • 'मौसी' सुंदरिया को जवाहरसिंह कहता था, हीरासिंह नहीं।
  • ड्योढ़ी में दूध किसी आदमी ने नहीं, सुंदरिया ने स्वयं गिराया था।
  • 💡 Key Learning Points

    • ✓हीरासिंह और सुंदरिया के प्रेम और बिछोह की कहानी का क्रम समझना
    • ✓पात्रों (हीरासिंह, सुंदरिया, सेठ, घोसी, जवाहरसिंह) की विशेषताएँ बताना
    • ✓मुहावरों (लाज से गड़ जाना, एकटक देखना, आँख लगना आदि) का अर्थ और प्रयोग
    • ✓पुराने शब्दों (सिपुर्द, रुसवाई, मसनूई) और सेर जैसी प्राचीन इकाइयों को जानना
    • ✓पशुओं के प्रति संवेदना, ईमानदारी और यातायात-सुरक्षा के मूल्य अपनाना

    👨‍🏫 Teaching Tips

    • →कहानी को चार दृश्यों (गाँव, सेठ का घर, दूध न देना, रात की घटना) में बाँटकर नाटक-मंचन करवाएँ
    • →पूछें: जब आपका कोई प्रिय दूर जाता है तो कैसा लगता है? — अनुभव-चर्चा
    • →मुहावरा-पट्टी खेल: एक बच्चा मुहावरे का अभिनय करे, बाकी पहचानें
    • →सेर, छटाँक, पसेरी, मन जैसी प्राचीन इकाइयों का चार्ट पुस्तकालय की मदद से बनवाएँ
    • →'सुंदरिया और हीरासिंह की बातचीत' कल्पना करके लिखवाएँ (कल्पना की उड़ान)
    • →पास की गौशाला/डेयरी के भ्रमण या वीडियो से पशु-पालन पर चर्चा करें
    • →सड़क-संकेतों (रुकिए, पैदल क्रॉसिंग, हेलमेट पहनिए) के कार्ड बनाकर पहचान-खेल करें

    📋 Assessment Questions

    1. हीरासिंह सुंदरिया को बेचने से क्यों डर रहा था?
    2. सेठ ने हीरासिंह से 'तुमने मुझे धोखे में क्यों रखा?' क्यों कहा?
    3. ड्योढ़ी में दूध किसने और क्यों गिराया?
    4. 'लाज से गड़ जाना' और 'एकटक देखना' का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
    5. सुंदरिया की तीन विशेषताएँ लिखिए।

    👩‍🏫 Class 5 Hindi classes near you — online or at home

    Prefer a real teacher? TalentJR teachers take live online classes anywhere in India and visit homes in selected cities. Tell us what you need and our team will call you with timings and fees.

    • Live online classesSmall groups or 1:1 with a teacher, from home, any city.
    • Teacher at homeA TalentJR teacher visits your home (selected cities).
    • At a centreClasses at a TalentJR partner centre near you, where available.