TalentJR

गोल – Class 6 Hindi Chapter 2 Notes & NCERT PDF

Class 6HindiChapter 2NCERT book: मल्हार (Malhar) - Hindi Class 6

Notes and a simple summary of Chapter 2 of the NCERT Class 6 Hindi book, with the official chapter PDF, flashcards, an MCQ quiz and an AI tutor for your doubts.

🎧 Listen to the content

पाठ 2: गोल (संस्मरण – मेजर ध्यानचंद)

पाठ-परिचय

गोल हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद (1905–1979) की आत्मकथा 'गोल' का एक अंश है। यह एक संस्मरण है – यानी लेखक अपनी यादें स्वयं 'मैं' बनकर पाठकों से साझा करता है। ध्यानचंद इतने महान थे कि भारत उनके जन्मदिन (29 अगस्त) को 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के रूप में मनाता है और देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार 'खेल रत्न' उनके नाम पर दिया जाता है।

पाठ-सार

घटना – बदला लेने का अनोखा ढंग (सन् 1933)

ध्यानचंद पंजाब रेजिमेंट की ओर से 'सैंपर्स एंड माइनर्स टीम' के विरुद्ध खेल रहे थे। विरोधी खिलाड़ी उनसे गेंद नहीं छीन पा रहे थे। तभी एक खिलाड़ी ने गुस्से में हॉकी स्टिक उनके सिर पर मार दी। पट्टी बँधवाकर वे लौटे और उस खिलाड़ी की पीठ पर हाथ रखकर बोले –

"तुम चिंता मत करो, इसका बदला मैं जरूर लूँगा।"

वह खिलाड़ी डर गया और हर समय उन्हें ही देखता रहा। ध्यानचंद ने झटपट छह गोल कर दिए। खेल के बाद बोले –

"दोस्त, खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं। मैंने तो अपना बदला ले ही लिया है। अगर तुम मुझे हॉकी नहीं मारते तो शायद मैं तुम्हें दो ही गोल से हराता।"

खिलाड़ी शर्मिंदा हो गया। सीख: "बुरा काम करने वाला आदमी हर समय इस बात से डरता रहता है कि उसके साथ भी बुराई की जाएगी।"

जीवन-यात्रा

  • जन्म 1905, प्रयाग में एक साधारण परिवार में; बाद में परिवार झाँसी में बसा।
  • 16 वर्ष की उम्र में 'फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट' में साधारण सिपाही बने। शुरू में खेल में रुचि नहीं थी।
  • सूबेदार मेजर तिवारी बार-बार उन्हें हॉकी खेलने को कहते थे। छावनी में कोई निश्चित समय नहीं था – सैनिक जब चाहते अभ्यास करते।
  • जैसे-जैसे खेल निखरा, तरक्की भी मिलती गई।
  • 1936 बर्लिन ओलंपिक में वे कप्तान बने (तब वे लांस नायक थे)। उनके खेल से प्रभावित होकर लोग उन्हें 'हॉकी का जादूगर' कहने लगे। भारत को स्वर्ण पदक मिला।
  • सफलता का रहस्य और खेल भावना

    "लगन, साधना और खेल भावना ही सफलता के सबसे बड़े मंत्र हैं।"

    वे गेंद गोल के पास ले जाकर साथी खिलाड़ी को दे देते ताकि उसे गोल का श्रेय मिले। वे मानते थे – "हार या जीत मेरी नहीं, बल्कि पूरे देश की है।"

    साथ में दिए अंश

  • डाँडी या गोथा – भील-भिलाला बच्चों का हॉकी जैसा खेल; बाँस की गेंद 'दुईत' और L-आकार की डंडी 'गोथा'; गोलपोस्ट नहीं होते, जो दल गेंद को विरोधी के पाले में अधिक बार धकेले वही विजयी। होलिका दहन के दिन दुईत और गोथे आग में डाल दिए जाते हैं।
  • एक दौड़ ऐसी भी – विकलांग बच्चों की 100 मीटर दौड़ में एक बच्चा गिरा तो सब लौटकर उसे उठाया और हाथ पकड़कर साथ दौड़े; निर्णायकों ने सबको स्वर्ण पदक दिया।
  • शब्दार्थ

  • संस्मरण – अपनी यादों पर आधारित लेखन
  • नोंक-झोंक – छोटी-मोटी कहासुनी
  • धक्का-मुक्की – धक्का देना
  • मुकाबला – प्रतियोगिता, मैच
  • शर्मिंदा – लज्जित
  • लगन – किसी काम में पूरा मन लगाना
  • साधना – निरंतर अभ्यास
  • नौसिखिया – जो अभी सीख रहा हो
  • निखार – सुधार, चमक
  • तरक्की – उन्नति, पदोन्नति
  • श्रेय – किसी काम का यश
  • छावनी – सैनिकों के रहने का क्षेत्र
  • लांस नायक – भारतीय सेना का एक पद (रैंक)
  • सूबेदार – स्वतंत्रता से पहले भारतीय सैन्य अधिकारियों का दूसरा सबसे बड़ा पद
  • भाषा-बिन्दु (पाठ के अभ्यास से)

  • शब्द-युग्म – एक ही शब्द दो बार: जैसे-जैसे, वैसे-वैसे। दो अलग शब्द: धक्का-मुक्की, नोंक-झोंक। दोनों शब्दों के बीच की छोटी रेखा योजक चिह्न (-) कहलाती है।
  • 'या/और/व' के स्थान पर योजक – हार या जीत → हार-जीत; बच्चे व बूढ़े → बच्चे-बूढ़े; अच्छा या बुरा → अच्छा-बुरा; उत्तर और दक्षिण → उत्तर-दक्षिण; गुरु और शिष्य → गुरु-शिष्य; अमीर और गरीब → अमीर-गरीब; अमृत या विष → अमृत-विष।
  • बल देने वाले शब्द – ही, भी, तो – "मैंने तो अपना बदला ले ही* लिया है।"* 'ही' हटाने पर बात का ज़ोर कम हो जाता है।
  • संस्मरण की विशेषता – 'मैं' शैली, सच्ची घटनाएँ, तिथियाँ (1933, 1936), पाठक से सीधी बात ("तो देखा आपने मेरा बदला लेने का ढंग?")।
  • केन्द्रीय भाव / सीख

    सच्ची जीत बदले की भावना से नहीं, अच्छे खेल और खेल भावना से होती है। साधारण सिपाही से 'हॉकी का जादूगर' बनने की यात्रा बताती है कि लगन और अभ्यास से कोई भी ऊँचाई पाई जा सकती है। टीम और देश को स्वयं से ऊपर रखना ही महानता है।

    अभ्यास-संकेत

  • ध्यानचंद की बात "अगर तुम मुझे हॉकी नहीं मारते तो..." से पता चलता है कि वे जानते थे कि खेल को सही भावना से खेलना चाहिए।
  • 'हॉकी का जादूगर' कहलाने का कारण – हॉकी खेलने का विशेष कौशल।
  • 'स्वयं से पहले दूसरों को रखना' के प्रमाण – साथी को गोल का श्रेय देना, जीत को देश की जीत मानना।
  • डायरी लेखन – रोज़ की बातें ईमानदारी और शालीन शब्दों में लिखें।
  • सामान्य भूलें

  • ध्यानचंद ने बदला मारकर लिया – गलत; उन्होंने छह गोल करके बदला लिया।
  • बर्लिन ओलंपिक का वर्ष 1933 लिखना – सही 1936 है (1933 सिर पर चोट वाली घटना का वर्ष है)।
  • 'श्रेय' को 'श्रेया' या 'शरेय' लिखना।
  • योजक चिह्न (-) के स्थान पर लंबी डैश या खाली जगह छोड़ना।
  • 💡 Key Learning Points

    • ✓संस्मरण विधा की विशेषताएँ ('मैं' शैली, सच्ची घटनाएँ, पाठक से बातचीत) पहचानना
    • ✓ध्यानचंद के बदला लेने के अनोखे ढंग और उनकी खेल भावना से सीख लेना
    • ✓'लगन, साधना और खेल भावना' को सफलता का मंत्र समझना और जीवन में अपनाना
    • ✓शब्द-युग्म (जैसे-जैसे, धक्का-मुक्की) और योजक चिह्न का सही प्रयोग
    • ✓बल देने वाले शब्दों 'ही, भी, तो' से वाक्य के अर्थ में आने वाला अंतर समझना

    👨‍🏫 Teaching Tips

    • →पाठ शुरू करने से पहले 29 अगस्त 'राष्ट्रीय खेल दिवस' और 'खेल रत्न' पुरस्कार के बारे में प्रश्न पूछकर जिज्ञासा जगाएँ
    • →1933 की घटना का छोटा नाट्य-रूपांतरण करवाएँ – ध्यानचंद, विरोधी खिलाड़ी, दर्शक; दोनों संवाद ज़रूर बुलवाएँ
    • →समय-रेखा (1905 जन्म → 16 वर्ष सिपाही → 1933 घटना → 1936 बर्लिन कप्तान) बोर्ड पर बनवाएँ
    • →'बदला लेना' विषय पर चर्चा: 'यदि आप ध्यानचंद होते तो क्या करते?' – हर समूह अपना उत्तर कारण सहित रखे
    • →शब्द-युग्म दौड़: एक समूह 'या/और' वाले जोड़े बोले, दूसरा उन्हें योजक से लिखे (अमीर और गरीब → अमीर-गरीब)
    • →खेल-कमेंटरी गतिविधि: समूह 5 मिनट किसी खेल का आँखों देखा हाल रेडियो शैली में प्रस्तुत करें
    • →'डाँडी या गोथा' के नियम पढ़कर मैदान में खेल करवाएँ, फिर अपने किसी स्थानीय खेल के नियम लिखवाएँ

    📋 Assessment Questions

    1. ध्यानचंद ने बदला किस प्रकार लिया और इससे उनके स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है?
    2. ध्यानचंद की सफलता के तीन मंत्र कौन-से थे? किसी एक को अपने जीवन से जोड़कर समझाओ।
    3. 'हार या जीत', 'बच्चे व बूढ़े', 'गुरु और शिष्य' को योजक चिह्न से लिखो।
    4. 'मैंने तो अपना बदला ले ही लिया है' में 'ही' हटाने से अर्थ में क्या अंतर आता है?
    5. संस्मरण की दो विशेषताएँ पाठ के उदाहरण सहित बताओ।

    👩‍🏫 Class 6 Hindi classes near you — online or at home

    Prefer a real teacher? TalentJR teachers take live online classes anywhere in India and visit homes in selected cities. Tell us what you need and our team will call you with timings and fees.

    • Live online classesSmall groups or 1:1 with a teacher, from home, any city.
    • Teacher at homeA TalentJR teacher visits your home (selected cities).
    • At a centreClasses at a TalentJR partner centre near you, where available.