एक कहानी यह भी – Class 10 Hindi Chapter 10 Notes & NCERT PDF
Notes and a simple summary of Chapter 10 of the NCERT Class 10 Hindi book, with the official chapter PDF, flashcards, an MCQ quiz and an AI tutor for your doubts.
🎧 Listen to the content
पाठ 10: एक कहानी यह भी
लेखक-परिचय
मन्नू भंडारी का जन्म सन् 1931 में गाँव भानपुरा, जिला मंदसौर (मध्य प्रदेश) में हुआ। इंटर तक की शिक्षा अजमेर (राजस्थान) में हुई। हिंदी में एम.ए. करने के बाद वे दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलिज में पढ़ाती रहीं। सन् 2021 में उनका देहांत हुआ।
उनकी रचनाओं में भाषा और शिल्प की सादगी, प्रामाणिक अनुभूति और स्त्री-मन की अभिव्यक्ति मिलती है।
पाठ-परिचय
'एक कहानी यह भी' आत्मकथ्य है, सिलसिलेवार आत्मकथा नहीं। इसमें लेखिका ने उन व्यक्तियों और घटनाओं के बारे में लिखा है जो उनके लेखकीय जीवन से जुड़े हैं। संकलित अंश में उनके पिता जी और कॉलिज की हिंदी प्राध्यापिका शीला अग्रवाल का व्यक्तित्व उभरकर आता है, और यह दिखता है कि एक साधारण लड़की असाधारण कैसे बनी। पृष्ठभूमि है सन् 1946-47 का स्वाधीनता आंदोलन।
पाठ-सार
पिता जी का व्यक्तित्व
"वे तो न जाने कितने रूपों में मुझमें हैं...कहीं कुंठाओं के रूप में, कहीं प्रतिक्रिया के रूप में तो कहीं प्रतिच्छाया के रूप में।"
माँ
माँ बेपढ़ी-लिखी, असीम धैर्य और सहनशक्ति वाली थीं — उन्होंने कभी कुछ माँगा नहीं, केवल दिया। बच्चों की सहानुभूति माँ के साथ थी, पर "निहायत असहाय मजबूरी में लिपटा उनका यह त्याग कभी मेरा आदर्श नहीं बन सका।"
बचपन और 'पड़ोस-कल्चर'
पाँच भाई-बहिनों में सबसे छोटी लेखिका ने सुशीला के साथ सतोलिया, लँगड़ी-टाँग, पकड़म-पकड़ाई, काली-टीलो खेले; भाइयों के साथ गिल्ली-डंडा और पतंग भी। लड़कियों की सीमा घर थी, पर तब घर की दीवारें पूरे मोहल्ले तक फैली थीं। लेखिका मानती हैं कि महानगरों के फ़्लैट-जीवन ने हमें इस पड़ोस-कल्चर से काटकर संकुचित, असहाय और असुरक्षित बना दिया। उनकी आरंभिक कहानियों के पात्र इसी मोहल्ले के हैं; 'महाभोज' के दा साहब भी वहीं से आए।
पिता जी की 'आधुनिकता' और उसकी सीमा
सन् '44 में सुशीला की शादी के बाद पिता जी का ध्यान लेखिका पर गया। वे रसोई को 'भटियारखाना' कहते थे — यानी वहाँ रहना अपनी क्षमता और प्रतिभा को भट्टी में झोंकना। वे चाहते थे कि बेटी राजनैतिक बहसें सुने और देश की स्थिति जाने।
शीला अग्रवाल का प्रभाव
सन् '45 में 'फर्स्ट इयर' में शीला अग्रवाल ने लेखिका को "चुनाव करके पढ़ने" की ओर मोड़ा — शरत्-प्रेमचंद से आगे जैनेंद्र, अज्ञेय, यशपाल, भगवतीचरण वर्मा तक। 'सुनीता', 'शेखर : एक जीवनी', 'नदी के द्वीप', 'त्यागपत्र', 'चित्रलेखा' पढ़े। शीला अग्रवाल ने घर में बैठकर देश को समझने के सिलसिले को सक्रिय भागीदारी में बदल दिया — प्रभात-फेरियाँ, हड़तालें, जुलूस, भाषण।
"शीला अग्रवाल की जोशीली बातों ने रगों में बहते खून को लावे में बदल दिया था।"
दो घटनाएँ
लेखिका निष्कर्ष निकालती हैं कि पिता जी अंतर्विरोधों में जीते थे — 'विशिष्ट' बनने-बनाने की लालसा और सामाजिक छवि के प्रति सजगता, दोनों का रास्ता टकराहट का है।
अंत
मई 1947 में शीला अग्रवाल को नोटिस मिला; थर्ड इयर की कक्षाएँ बंद कर दो-तीन छात्राओं का प्रवेश रोका गया। पर हुड़दंग के कारण अगस्त में थर्ड इयर खोलना पड़ा। यह जीत भी 15 अगस्त 1947 — "शताब्दी की सबसे बड़ी उपलब्धि" — के सामने छोटी पड़ गई।
व्यक्ति-चित्रण
शब्दार्थ
भाषा-बिन्दु (मुहावरे)
भाषा सहज, बोलचाल की है; बीच-बीच में अंग्रेज़ी शब्द ('डिक्टेशन', 'फर्स्ट इयर', 'आई एम रिअली प्राउड ऑफ़ यू') पात्रों को जीवंत बनाते हैं।
केन्द्रीय भाव
व्यक्ति के व्यक्तित्व पर परिवार, पड़ोस, शिक्षक और समय — सबकी छाप पड़ती है। एक साधारण किशोरी शीला अग्रवाल की प्रेरणा और स्वाधीनता आंदोलन के वातावरण में आत्मविश्वासी और जागरूक बनती है। पाठ स्त्री-शिक्षा, स्त्री की स्वतंत्र पहचान और पीढ़ियों के टकराव को भी सामने रखता है।
बोर्ड परीक्षा हेतु
सामान्य भूलें
💡 Key Learning Points
- ✓आत्मकथ्य विधा की पहचान और आत्मकथा से उसका अंतर समझना
- ✓लेखिका के व्यक्तित्व-निर्माण में पिता और शीला अग्रवाल की भूमिका पहचानना
- ✓पिता जी के व्यक्तित्व के अंतर्विरोधों (आधुनिकता बनाम सामाजिक छवि) को समझना
- ✓सन् 1946-47 के स्वाधीनता आंदोलन में युवाओं, विशेषकर छात्राओं की भागीदारी जानना
- ✓पाठ के मुहावरों (लू उतारना, आग-बबूला होना आदि) का सही प्रयोग करना
👨🏫 Teaching Tips
- →कक्षा में 'आत्मकथा' और 'आत्मकथ्य' के अंतर पर चर्चा से पाठ आरंभ करें
- →पिता जी के गुण-दोषों की दो सूचियाँ बनवाकर अंतर्विरोध स्पष्ट करें
- →प्रिंसिपल के पत्र वाली घटना का छोटा नाट्य-रूपांतरण करवाएँ
- →शीला अग्रवाल द्वारा सुझाई गई पुस्तकों की सूची बनाकर पुस्तकालय में खोज करवाएँ
- →'पड़ोस-कल्चर' पर बहस आयोजित करें — महानगर बनाम मोहल्ला
- →स्वाधीनता आंदोलन की किसी महिला सेनानी पर प्रोजेक्ट करवाएँ
- →विद्यार्थियों से एक सप्ताह की डायरी लिखवाएँ (पाठ के 'रचना और अभिव्यक्ति' के अनुसार)
📋 Assessment Questions
- लेखिका के व्यक्तित्व पर किन व्यक्तियों का, किस रूप में प्रभाव पड़ा?
- पिता जी रसोई को 'भटियारखाना' क्यों कहते थे?
- किस घटना पर लेखिका को अपनी आँखों और कानों पर विश्वास नहीं हुआ?
- लेखिका और पिता जी की वैचारिक टकराहट को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए
- पाठ के आधार पर स्वाधीनता आंदोलन में मन्नू जी की भूमिका लिखिए
Ask the AI tutor about Class 10 Hindi Chapter 10
Get question answers, important questions, a quick MCQ quiz or a simple explanation of “एक कहानी यह भी”. Free — sign in with Google.
- Explain एक कहानी यह भी in simple words
- Answer the NCERT exercise questions of Class 10 Hindi Chapter 10 step by step
- Give me 5 important questions with answers from एक कहानी यह भी
- Quiz me with 5 MCQs on एक कहानी यह भी
- Make last-minute revision notes for Class 10 Hindi Chapter 10
- Explain एक कहानी यह भी with an everyday example
👩🏫 Class 10 Hindi classes near you — online or at home
Prefer a real teacher? TalentJR teachers take live online classes anywhere in India and visit homes in selected cities. Tell us what you need and our team will call you with timings and fees.
- Live online classesSmall groups or 1:1 with a teacher, from home, any city.
- Teacher at homeA TalentJR teacher visits your home (selected cities).
- At a centreClasses at a TalentJR partner centre near you, where available.
Keep learning
- Maharashtra Board Class 10 SolutionsState board textbook solutions
- TalentJR FlashcardsQuick revision cards
- Coding for KidsLearn to code with TalentJR