TalentJR

अहं च त्वं च – Class 6 Sanskrit Chapter 4 Notes & NCERT PDF

Class 6SanskritChapter 4NCERT book: दीपकम् (Deepakam) - Sanskrit Class 6

Notes and a simple summary of Chapter 4 of the NCERT Class 6 Sanskrit book, with the official chapter PDF, flashcards, an MCQ quiz and an AI tutor for your doubts.

🎧 Listen to the content

पाठ 4: अहं च त्वं च (मैं और तुम)

पाठ-परिचय

पिछले पाठ में हमने 'वह/यह' (प्रथम पुरुष) के बारे में बात की। इस पाठ में हम स्वयं अपना परिचय देना (अहम् – मैं) और सामने वाले से बात करना (त्वम् – तुम) सीखते हैं। यही संस्कृत में वास्तविक वार्तालाप की शुरुआत है।

मम नाम भरतः । अहं छात्रः ।
(मेरा नाम भरत है। मैं छात्र हूँ।)

पाठ-सार

१. अपना परिचय

  • मम नाम गणेशः । अहं शिक्षकः । (मैं शिक्षक हूँ)
  • मम नाम गौतमः । अहं चिकित्सकः । (मैं डॉक्टर हूँ)
  • मम नाम राघवः । अहं कृषकः । (मैं किसान हूँ)
  • मम नाम मेनका । अहं छात्रा ।
  • मम नाम प्रियंवदा । अहं शिक्षिका ।
  • मम नाम राधिका । अहं सैनिकी ।
  • ध्यान दें: 'मम' (मेरा/मेरी/मेरे) तीनों लिङ्गों में एक-सा रहता है; 'अहम्' भी लिङ्ग से नहीं बदलता – केवल संज्ञा बदलती है (छात्रः / छात्रा)।

    २. प्रश्न और उत्तर (पुंलिङ्ग)

    त्वं कः ? – अहं सैनिकः ।
    युवां कौ ? – आवां सैनिकौ ।
    यूयं के ? – वयं सैनिकाः ।

    इसी प्रकार – गायकः / गायकौ / गायकाः; पत्रकारः; पाचकः।

    ३. प्रश्न और उत्तर (स्त्रीलिङ्ग)

    त्वं का ? – अहं गायिका ।
    युवां के ? – आवां गायिके ।
    यूयं काः ? – वयं गायिकाः ।

    ईकारान्त शब्द का रूप ध्यान से: अहं नर्तकी – आवां नर्तक्यौ – वयं नर्तक्यः।

    ४. 'अस्' धातु (होना) के साथ पूरे वाक्य

  • त्वं चित्रकारः असि । युवां चित्रकारौ स्थः । यूयं चित्रकाराः स्थ ।
  • अहम् आरक्षकः अस्मि । आवाम् आरक्षकौ स्वः । वयम् आरक्षकाः स्मः ।
  • अहं चिकित्सिका अस्मि । आवां चिकित्सिके स्वः । वयं चिकित्सिकाः स्मः ।
  • ५. पुरुष-व्यवस्था (योग्यताविस्तरः)

    अस् धातु:

  • प्रथमपुरुषः: भवान्/भवती अस्ति – भवन्तौ/भवत्यौ स्तः – भवन्तः/भवत्यः सन्ति
  • मध्यमपुरुषः: त्वम् असि – युवां स्थः – यूयं स्थ
  • उत्तमपुरुषः: अहम् अस्मि – आवां स्वः – वयं स्मः
  • गम् (गच्छ्) धातु:

  • प्रथमपुरुषः: सः/सा गच्छति – तौ/ते गच्छतः – ते/ताः गच्छन्ति
  • मध्यमपुरुषः: त्वं गच्छसि – युवां गच्छथः – यूयं गच्छथ
  • उत्तमपुरुषः: अहं गच्छामि – आवां गच्छावः – वयं गच्छामः
  • महत्त्वपूर्ण: 'भवान्/भवती' (आप) का अर्थ मध्यम पुरुष जैसा है, परंतु इसके साथ क्रिया प्रथम पुरुष की लगती है – भवान् गच्छति (आप जाते हैं)।

    ६. श्लोक

    त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
    त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥

    हे देवों के देव! तुम ही माता हो, तुम ही पिता, तुम ही बन्धु, तुम ही मित्र, तुम ही विद्या, तुम ही धन हो – तुम ही मेरे सब कुछ हो।

    ७. गीत – अहं पठामि

    अहं पठामि संस्कृतम् । अहं वदामि संस्कृतम् । अहं लिखामि संस्कृतम् ।
    अहं स्मरामि मातरम् । अहं नमामि मातरम् ।

    (सभी क्रियाएँ उत्तम पुरुष एकवचन – 'आमि' अन्त वाली)

    शब्दार्थ

  • मम – मेरा / मेरी
  • अहम् – मैं ; आवाम् – हम दोनों ; वयम् – हम सब
  • त्वम् – तुम ; युवाम् – तुम दोनों ; यूयम् – तुम सब
  • सैनिकः – सैनिक
  • तन्त्रज्ञः – तकनीकी विशेषज्ञ / इंजीनियर
  • पत्रकारः – पत्रकार
  • नर्तकी – नाचने वाली
  • चित्रकारः – चित्रकार
  • आरक्षकः – पुलिसकर्मी
  • पाचकः – रसोइया
  • चिकित्सिका – महिला डॉक्टर
  • क्रीडकः – खिलाड़ी
  • द्रविणम् – धन
  • सखा – मित्र ; बन्धुः – भाई/सम्बन्धी
  • व्याकरण-बिन्दु

  • तीन पुरुष: प्रथम (वह/आप), मध्यम (तुम), उत्तम (मैं)। क्रिया का रूप पुरुष + वचन दोनों पर निर्भर है।
  • अहम्, त्वम् आदि सर्वनाम लिङ्ग से नहीं बदलते – अहं छात्रः / अहं छात्रा दोनों सही।
  • अनुस्वार-नियम: पद के अंत का 'म्' यदि आगे व्यंजन हो तो अनुस्वार बन जाता है: पुस्तकं नास्ति। आगे स्वर हो तो 'म्' ही रहता है: पुस्तकम् अस्ति, अहम् आरक्षकः।
  • यूयं के साथ 'स्थ' (विसर्ग नहीं), युवां के साथ 'स्थः' (विसर्ग सहित) – यह अंतर परीक्षा में बहुत पूछा जाता है।
  • अभ्यास-संकेत

  • रिक्त-स्थान (त्वं / युवां / यूयं / अहम् / आवां / वयं): पहले क्रिया देखें – स्वः → आवां, स्मः → वयं, असि → त्वं, स्थः → युवां, स्थ → यूयं, अस्मि → अहम्।
  • चित्र-वाक्य: अहं शिक्षकः अस्मि → आवां शिक्षकौ स्वः → वयं शिक्षकाः स्मः। स्त्रीलिङ्ग में: आरक्षिका → आरक्षिके → आरक्षिकाः।
  • वाक्य-मिलान: 'त्वं बालिका असि' को 'युवां बालिके स्थः' और 'यूयं बालिकाः स्थः' से जोड़ें – पुरुष और लिङ्ग एक रहेगा, केवल वचन बदलेगा।
  • प्रश्न-निर्माण: त्वं तन्त्रज्ञः → त्वं कः? ; आवां गायिके → युवां के? ; वयं शिक्षिकाः → यूयं काः? (उत्तर में 'अहम्' हो तो प्रश्न में 'त्वम्' आएगा!)
  • सामान्य भूलें

  • 'यूयं ... स्थः' लिखना – सही है यूयं ... स्थ।
  • 'आवां' के साथ 'स्मः' लिखना – सही है आवां ... स्वः।
  • 'भवान्' के साथ 'असि' लगाना – सही है भवान् अस्ति (प्रथम पुरुष)।
  • स्त्रीलिङ्ग द्विवचन में 'नर्तकीौ' लिखना – सही है नर्तक्यौ।
  • 'अहम्' को हर जगह 'म्' से लिखना – व्यंजन से पहले 'अहं' (अनुस्वार) लिखें: अहं छात्रः।
  • 💡 Key Learning Points

    • ✓संस्कृत में अपना परिचय देना: 'मम नाम ... । अहं ... अस्मि ।'
    • ✓अस्मद् (अहम् आवाम् वयम्) और युष्मद् (त्वम् युवाम् यूयम्) सर्वनाम के प्रथमा रूप
    • ✓अस् धातु के तीनों पुरुषों के रूप: अस्ति-स्तः-सन्ति, असि-स्थः-स्थ, अस्मि-स्वः-स्मः
    • ✓भवान्/भवती के साथ प्रथम पुरुष की क्रिया का प्रयोग
    • ✓पदान्त 'म्' से अनुस्वार बनाने का नियम – व्यंजन से पहले अनुस्वार, स्वर से पहले म्

    👨‍🏫 Teaching Tips

    • →कक्षा की शुरुआत 'परिचय-चक्र' से: हर छात्र खड़ा होकर बोले 'मम नाम ... । अहं छात्रः/छात्रा अस्मि ।'
    • →व्यवसाय-अभिनय खेल: छात्र को एक व्यवसाय-कार्ड (पाचकः, आरक्षकः, गायिका) दें; कक्षा पूछे 'त्वं कः/का?' और वह अभिनय कर उत्तर दे
    • →दो-दो और समूह में खड़ा करके 'युवां कौ?' / 'यूयं के?' पूछें ताकि द्विवचन-बहुवचन शरीर से समझ आए
    • →अस् धातु की 3×3 तालिका को बोर्ड पर खाली बनाएँ – छात्र बारी-बारी से भरें; 'स्थः' और 'स्थ' को अलग रंग दें
    • →'त्वमेव माता' श्लोक का सस्वर पाठ प्रार्थना-सभा में करवाएँ और हर पंक्ति का अर्थ पूछें
    • →'अहं पठामि संस्कृतम्' गीत को ताली के साथ गवाएँ, फिर छात्र नई क्रियाएँ जोड़ें (अहं खादामि फलम्)
    • →अनुस्वार-नियम के लिए 'स्वर या व्यंजन?' पहेली: पुस्तक_ अस्ति / पुस्तक_ नास्ति – छात्र म् या ं चुनें
    • →परियोजना: अस्मद्-युष्मद् शब्दों के सातों विभक्तियों के रूप चार्ट-पेपर पर लिखवाएँ

    📋 Assessment Questions

    1. क्या छात्र संस्कृत में दो वाक्यों में अपना परिचय दे सकता है?
    2. क्या वह 'आवां ___ स्वः' और 'यूयं ___ स्थ' जैसे रिक्त स्थान सही क्रिया/सर्वनाम से भर सकता है?
    3. क्या वह 'नर्तकी' के द्विवचन-बहुवचन (नर्तक्यौ, नर्तक्यः) बता सकता है?
    4. क्या वह 'भवान्' के साथ सही क्रिया (अस्ति/गच्छति) लगाता है?
    5. क्या वह 'अहं छात्रः' और 'अहम् आरक्षकः' में अनुस्वार/म् का कारण बता सकता है?

    👩‍🏫 Class 6 Sanskrit classes near you — online or at home

    Prefer a real teacher? TalentJR teachers take live online classes anywhere in India and visit homes in selected cities. Tell us what you need and our team will call you with timings and fees.

    • Live online classesSmall groups or 1:1 with a teacher, from home, any city.
    • Teacher at homeA TalentJR teacher visits your home (selected cities).
    • At a centreClasses at a TalentJR partner centre near you, where available.