परिशिष्टम् २: धातुरूपाणि – Class 7 Sanskrit Chapter 15 Notes & NCERT PDF
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परिशिष्टम् २: धातुरूपाणि (क्रियापदों के रूप और सन्धि-परिचय)
परिचय
परिशिष्टम् २ – धातुरूपाणि में क्रियापदों (धातुओं) के रूप दिए गए हैं। संस्कृत में लगभग २००० धातु हैं। धातु में 'तिङ्' प्रत्यय जोड़ने पर तिङन्त (क्रियापद) बनते हैं — इन्हें ही लकार कहते हैं। अन्त में सन्धियों का सामान्य परिचय भी दिया गया है।
धातुओं के तीन प्रकार
पुरुष-वचन का ढाँचा
हर लकार में 3 पुरुष × 3 वचन = 9 रूप:
लट्-लकारः (वर्तमानकालः)
परस्मैपदी 'पठ्':
एवम् – लिख्, खाद्, वद्, मिल्, हस्, चल्, त्यज्, स्मृ (स्मर्), पा (पिब्), क्रीड्, नी (नय्), प्रच्छ् (पृच्छ्), भू (भव्), दृश् (पश्य्), गम् (गच्छ्)।
विशेष धातु (लट्):
आत्मनेपदी 'भाष्' (लट्):
एवम् – स्पर्ध्, यत्, वृध् (वर्ध्), कूर्द्, कम्प्, राज्।
लृट्-लकारः (भविष्यत्कालः)
लङ्-लकारः (भूतकालः)
धातु से पहले 'अ' लगता है:
लोट्-लकारः (आज्ञा, प्रार्थना, निमन्त्रण आदि)
विधिलिङ्-लकारः (चाहिए – विधि, प्रार्थना आदि)
अधिकं जानीमः – सन्धीनां सामान्यः परिचयः
वर्णों की अत्यन्त समीपता संहिता है; संहिता से वर्णों में जो परिवर्तन होता है, वह सन्धि है। तीन मुख्य सन्धियाँ: स्वरसन्धि, व्यञ्जनसन्धि (हल्-सन्धि), विसर्गसन्धि। स्वरसन्धि के सात प्रकार: सवर्णदीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि, पूर्वरूप, प्रकृतिभाव। पुस्तक के उदाहरण:
सामान्य भूलें
💡 Key Learning Points
- ✓धातु + तिङ् प्रत्यय = तिङन्त (लकार); धातुओं के तीन प्रकार – परस्मैपदी, आत्मनेपदी, उभयपदी
- ✓पुरुष (प्रथम, मध्यम, उत्तम) × वचन के 9 रूपों का ढाँचा
- ✓लट् (वर्तमान), लृट् (भविष्यत्), लङ् (भूत), लोट् (आज्ञा), विधिलिङ् (विधि) के पठ्-लिख् रूप
- ✓विशेष धातुओं अस्, कृ, श्रु, दा, ज्ञा, क्री तथा आत्मनेपदी भाष्, यत् के रूप
- ✓स्वरसन्धि के सवर्णदीर्घ, गुण, वृद्धि और यण् सन्धि का सामान्य परिचय
👨🏫 Teaching Tips
- →पुरुष-वचन को कक्षा-व्यवस्था से सिखाएँ: 'अहं पठामि' (स्वयं), 'त्वं पठसि' (सामने वाला), 'सः पठति' (दूर वाला)
- →एक धातु, पाँच लकार: बोर्ड पर पठ् के पाँचों लकारों के प्रथमपुरुष एकवचन (पठति, पठिष्यति, अपठत्, पठतु, पठेत्) साथ लिखवाएँ
- →लोट् को आज्ञा-खेल से: 'पुस्तकं पठ', 'जलं देहि', 'शृणु' — छात्र आज्ञा दें और पालन करें
- →लङ् में 'अ' आगम को रंग से चिह्नित कराएँ (अ-पठत्, अ-लिखत्, अ-करोत्)
- →विशेष धातुओं (अस्, कृ, दा) के रूप प्रतिदिन 2 मिनट लय में दोहराएँ
- →सन्धि-उदाहरणों को जोड़-तोड़ पट्टियों (तत्र | अपि → तत्रापि) से सिखाएँ
- →पाठों के वाक्यों में क्रियापद पहचानकर लकार-पुरुष-वचन बताने का अभ्यास कराएँ
📋 Assessment Questions
- 'कृ' धातु के लट् लकार के प्रथमपुरुष के तीनों वचन लिखिए।
- 'अस्' धातु के लङ् लकार के प्रथमपुरुष रूप लिखिए।
- 'दा' और 'अस्' के लोट् मध्यमपुरुष एकवचन रूप क्या हैं?
- 'भाष्' धातु लट् लकार में 'अहं ___' और 'वयं ___' के रूप भरिए।
- 'महा + ऋषिः' और 'सु + आगतम्' की सन्धि करके सन्धि का नाम बताइए।
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