परिशिष्टम् २: समासः – Class 9 Sanskrit Chapter 13 Notes & NCERT PDF
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परिशिष्टम् २: समासः (शब्दों का संक्षेप / मेल)
परिचय
समसनं समासः । समसनं नाम सङ्क्षेपणम् ।
समास में अर्थयुक्त दो, तीन या अनेक पद मिलकर एक पद बन जाते हैं — जैसे 'महा' + 'पुरुष' = महापुरुषः।
पूर्वपद और उत्तरपद — सीतापतिः में 'सीता' पूर्वपद, 'पतिः' उत्तरपद।
प्रक्रिया — सीता + ङस् + पति + सु → (ङस् और सु का लोप) → सीतापति + सु = सीतापतिः। समस्त पद प्रातिपदिक बनता है, फिर उसमें विभक्ति जुड़ती है।
विग्रहवाक्यम्
समास का अर्थ बताने वाला वाक्य विग्रह कहलाता है — 'राष्ट्रनायकः' का विग्रह 'राष्ट्रस्य नायकः'। विग्रह दो प्रकार का —
समास के भेद
समास की पहचान — किसका प्राधान्य?
समस्त पद के साथ क्रियापद जोड़कर देखें कि क्रिया का सम्बन्ध किस पद से है —
१. तत्पुरुषसमासः (प्रायः उत्तरपदार्थप्रधानः)
विभक्तितत्पुरुष (छह)
कर्मधारय (तत्पुरुष के अन्तर्गत, नौ प्रकार)
द्विगु (तीन प्रकार)
नञ्-प्रभृति तत्पुरुष
२. द्वन्द्वसमासः (प्रायः उभयपदार्थप्रधानः)
३. बहुव्रीहिसमासः (प्रायः अन्यपदार्थप्रधानः)
सामान्य बहुव्रीहि (छह)
विशेष बहुव्रीहि (नौ) — चक्रपाणिः (व्यधिकरण), उपविंशाः (सङ्ख्योत्तरपद), द्वित्राः (सङ्ख्योभयपद), सशिष्यः (सहपूर्वपद), केशाकेशि (व्यतिहार), दक्षिणपूर्वा (दिगन्तराल), अपुत्रः (नञर्थ), निष्कृपः (प्रादि), गजाननः (उपमानपूर्वपद — गजस्य आननमिव आननं यस्य सः)।
४. अव्ययीभावसमासः (पूर्वपदार्थप्रधानः)
'अनव्ययम् अव्ययं भवति' — अव्ययीभाव के लगभग ३३ भेद हैं; पुस्तक के कुछ उदाहरण —
अभ्यास-संकेत
सामान्य भूलें
💡 Key Learning Points
- ✓समास की परिभाषा — समसनं (सङ्क्षेपणम्); केवल परस्पर सम्बद्ध सुबन्तों में
- ✓पूर्वपद-उत्तरपद, विग्रहवाक्य, स्वपदविग्रह और अस्वपदविग्रह
- ✓केवलसमास तथा चार विशेष समास — तत्पुरुष, द्वन्द्व, बहुव्रीहि, अव्ययीभाव
- ✓प्राधान्य-परीक्षा: उत्तरपद, उभयपद, अन्यपद, पूर्वपद
- ✓पुस्तक के उदाहरणों सहित तत्पुरुष (कर्मधारय, द्विगु, नञ् आदि), द्वन्द्व, बहुव्रीहि और अव्ययीभाव के भेद
👨🏫 Teaching Tips
- →'क्रियापद जोड़कर देखो' वाली प्राधान्य-परीक्षा को चार उदाहरणों (रामदूतः, राजेशसुरेशौ, पीताम्बरः, उपनगरम्) से कक्षा में करवाएँ
- →समस्त पद और विग्रह के पत्ते बनाकर मिलान का खेल खेलवाएँ
- →सीता + ङस् + पति + सु वाली प्रक्रिया बोर्ड पर चरणबद्ध दिखाएँ
- →कर्मधारय के नौ भेदों को उपमा/विशेषण के सरल हिन्दी उदाहरणों से जोड़ें
- →पाठ्यपुस्तक के पाठों से समस्त पद ढूँढ़कर उनका विग्रह करवाएँ
- →बहुव्रीहि में कोष्ठक वाला 'अन्य पद' (ग्रामः, शिशुः, विष्णुः) पर विशेष बल दें
📋 Assessment Questions
- किसी समस्त पद का सही विग्रह लिख सकता है?
- प्राधान्य-परीक्षा से समास का नाम पहचान सकता है?
- स्वपदविग्रह और अस्वपदविग्रह में अन्तर बता सकता है?
- विभक्तितत्पुरुष के छह उदाहरण दे सकता है?
- बहुव्रीहि और कर्मधारय में अन्तर समझा सकता है?
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