कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः – Class 9 Sanskrit Chapter 9 Notes & NCERT PDF
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पाठ 9: कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः (उपकार का प्रत्युपकार ही सनातन धर्म)
पाठ-परिचय
नवमः पाठः — कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः (किए गए उपकार का प्रत्युपकार हो — यही सनातन धर्म है)
रामायण और महाभारत दो प्रसिद्ध इतिहास-ग्रन्थ हैं। महाभारत पर आधारित अनेक ग्रन्थ रचे गए; उनमें महामहोपाध्याय श्रीरङ्गनाथशर्मा द्वारा रचित "एकचक्रम्" नामक लघुरूपक (छोटा नाटक) एक है। इसकी कथावस्तु महाभारत का बकासुर-वध है। यह पाठ "एकचक्रम्" के तीसरे और चौथे अङ्क से लिया गया है।
पूर्वकथा
पाण्डव एकचक्रा नगर में एक ब्राह्मण के घर रहते हैं। गृहस्वामी के घर रोने की आवाज़ सुनकर कुन्ती कारण पूछती है। पता चलता है कि नगर के पास रहने वाले बक नामक असुर से सन्धि के अनुसार प्रतिदिन एक नगरवासी उसका भोजन बनता है, और उस दिन इसी ब्राह्मण-परिवार की बारी है। कुन्ती प्रतिज्ञा करती है कि वह अपने पुत्रों में से एक को बकासुर के पास भेजेगी। भीम इसे ब्राह्मण के उपकार का बदला चुकाने का अवसर मानकर स्वादिष्ट अन्न के पात्र लेकर जाने को तैयार होता है।
पाठ-सार (नाट्यांश)
कुन्ती और भीम
कुन्ती बताती है कि पर्वत पर रहने वाला बक दैत्य मनुष्यभोजी है; भोजन-सामग्री के साथ एक मनुष्य भी भेजना पड़ता है। भीम समझ जाता है और कहता है — माँ, इसमें शोक की कोई बात नहीं; क्षत्राणी के योग्य कार्य आपने किया। यह श्रोत्रिय पड़ोसी प्रत्युपकार के योग्य है।
भैक्षप्रदानेन चिरं परैरुपकृता वयम् ।
कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः ॥
(भिक्षा देकर दूसरों ने बहुत समय तक हमारा उपकार किया है; किए गए उपकार का प्रत्युपकार हो — यही सनातन धर्म है।) कुन्ती भीम को "भरतवंशप्रदीप" कहकर प्रशंसा करती है। भीम गाड़ी-भर स्वादिष्ट भोजन मिलने की बात से प्रसन्न होता है।
भाइयों से संवाद
युधिष्ठिर भीम को हर्ष से खिली आँखों वाला देखता है। अर्जुन हँसकर कहता है — औदरिक (पेटू) का हर्ष उचित ही है। जब कुन्ती पूरी बात बताती है तो युधिष्ठिर असहमत होता है — जिस वीर के भुजबल के सहारे हम सुख से सोते हैं और जिसे सोचकर दुर्योधन को नींद नहीं आती, उस भीम को भेजने का सङ्कल्प आपने कैसे किया? भीम उत्तर देता है — "न हि मातुराज्ञा प्रत्यादेशमर्हति" (माता की आज्ञा अस्वीकार करने योग्य नहीं होती)। अर्जुन साथ चलना चाहता है तो भीम कहता है — "न हि खरदंष्ट्रो मृगाधिपः सहायमपेक्षते" (तीखे दाँतों वाला सिंह सहायता नहीं चाहता)।
इमौ हि पीवरौ बाहू सहायौ सहजौ मम ।
बकं विध्वंसयिष्यामि सिंहः क्षुद्रमृगं यथा ॥
(मेरी ये दो मोटी भुजाएँ ही मेरे जन्मजात सहायक हैं; जैसे सिंह छोटे पशु को मारता है, वैसे ही मैं बक को नष्ट कर दूँगा।)
भीम और बकासुर
बक कहता है — हे नीच मनुष्य, मुझे भोजन परोस। भीम उत्तर देता है — सारा भोजन मेरे पेट में स्थित अग्नि को परोस दिया; तुझ धर्म-दूषक को मारने आया हूँ। बक पूछता है — मैंने कौन-सा अधर्म किया? भीम — नरभक्षणम्। बक — नरभक्षण मांसाहारी राक्षसों का धर्म है। भीम — नररक्षणं नाम भूमिपालानां क्षत्रियाणां धर्मः।
रक्षिता साधुलोकानां वरिष्ठो बाहुशालिनाम् ।
निषूदको हिडिम्बस्य मृत्युश्चास्मि भवादृशाम् ॥
(मैं सज्जनों का रक्षक, बलशालियों में श्रेष्ठ, हिडिम्ब का वध करने वाला और तुम जैसों की मृत्यु हूँ।) बक को पता चलता है कि यही उसके मित्र हिडिम्ब का हत्यारा कौन्तेय भीम है। बक शस्त्र उठाने को कहता है; भीम कहता है — शस्त्र की ज़रूरत नहीं, तेरी खोपड़ी तोड़ने को मेरी मुट्ठी ही काफ़ी है। मल्लयुद्ध होता है और बक मारा जाता है।
शब्दार्थ
व्याकरण-बिन्दु
अभ्यास-संकेत
सामान्य भूलें
💡 Key Learning Points
- ✓'एकचक्रम्' लघुरूपक और बकासुर-वध की कथा समझना
- ✓कृतज्ञता — किए गए उपकार का प्रत्युपकार करना सनातन धर्म है
- ✓क्षत्रिय-धर्म: नररक्षण; माता की आज्ञा का सम्मान
- ✓पात्रों के संवाद से उनके स्वभाव (भीम का साहस, युधिष्ठिर की चिन्ता) पहचानना
- ✓लोट्, लृट् लकार, क्त प्रत्यय और सम्बोधन के प्रयोग पहचानना
👨🏫 Teaching Tips
- →पूर्वकथा को चित्र-कथा (कॉमिक स्ट्रिप) के रूप में प्रस्तुत करें
- →नाट्यांश का पात्रानुसार अभिनय कराएँ — कुन्ती, भीम, युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव, बक
- →'कृतं प्रतिकृतं भूयात्' पर चर्चा — छात्र किसी के उपकार का बदला चुकाने का अनुभव बताएँ
- →बक और भीम के 'धर्म' पर वाद-विवाद — नरभक्षण बनाम नररक्षण
- →'केन कं प्रति उक्तम्' अभ्यास को पात्र-कार्ड खेल से कराएँ
- →लोट् और लृट् लकार के रूप पाठ से छाँटकर तालिका-सूची बनवाएँ (बोर्ड पर सूची)
- →महाभारत के अन्य प्रसंग (हिडिम्ब-वध) से जोड़कर पृष्ठभूमि दें
📋 Assessment Questions
- पाण्डवाः कुत्र निवसन्ति स्म, बकासुरः कुत्र वसति?
- 'भैक्षप्रदानेन…' श्लोकानुसारं सनातनः धर्मः कः?
- युधिष्ठिरः कुन्त्याः निश्चयं किमर्थं न समर्थयति?
- भीमः अर्जुनस्य सहायं किमर्थं न स्वीकरोति?
- बकभीमयोः मते धर्मः कः?
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- 1. सत्यं शिवं सुन्दरं संस्कृतम्
- 2. सुखस्य मूलं धर्मः धर्मस्य मूलम् अर्थः
- 3. आत्मवत्सर्वभूतेषु यः पश्यति सः पण्डितः
- 4. न खलु वयस्तेजसो हेतुः
- 5. एषा सा कृतकबुद्धिः मानवबुद्धेः सहकरी
- 6. मनःपूतं समाचरेत्
- 7. उपायं चिन्तयेत् प्राज्ञस्तथापायं च चिन्तयेत्
- 8. अन्नाद् आनन्दं प्रति
- 9. कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः
- 10. णमो अरिहन्ताणम्
- 11. वर्णोच्चारण-शिक्षा २
- 12. परिशिष्टम् १: अन्वयः
- 13. परिशिष्टम् २: समासः
- 14. परिशिष्टम् ३: वाच्यम्
- 15. परिशिष्टम् ४: शब्दरूपाणि
- 16. परिशिष्टम् ५: धातुरूपाणि